
हम यूं कह सकते हैं कि समय बदल रहा है विशेष रुप से COVID – 19 के बाद । लोग अपने परिवार की सुरक्षा एवं व्यवसाय पर ज्यादा ध्यान देंगे। इस महामारी कि बदलती प्रकृति के कारण खुद को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए लोग सही समय नहीं मान रहे हैं। इस समय भारत में यह सवाल उठता है कि क्या निजी वाहन खरीदने का एक सही समय आ गया है?
खासकर भारत जैसे देश में जहां सार्वजनिक परिवहन को एक अच्छा और सस्ता विकल्प माना जाता है। इस महामारी के बाद लोगों के मन में सुरक्षा के लिए ज्यादा जिम्मेदारी बढ़ गई है लोग सार्वजनिक परिवहन से दूर रहना चाहते हैं ताकि संक्रमण से बच सकें। ज्यादा से ज्यादा लोग अपने आवागमन के लिए निजी वाहनों से आराम एवं सुरक्षा की ओर भी रुख कर रहे हैं।
खुद को सुरक्षित रखने के लिए निजी वाहन एक महत्वपूर्ण विकल्प है। ऐसा माना जा रहा है कि इस महामारी के बाद निजी वाहनों का उपयोग लगभग 41% तक बढ़ जाएगा। इन हालातों के मद्देनजर निजी कार खरीदने के लिए यह एक अच्छा समय है और साथ ही साथ सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह समय की मांग है और आवश्यकता भी।
भारत में अधिकांश कार डीलर सुरक्षा एवं स्वच्छ वातावरण प्रदान करने के लिए कई मानक अपनाए हैं। जिसने कारों के सैनिटाइजेशन को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है।
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हालांकि कई लोग अभी नई कारों को खरीदने से बचेंगे भी क्योंकि बहुत लोगों के कामों में कमी, वेतन में कटौती एवं लॉक डाउन के दौरान व्यवसाय पर काफी असर पड़ा है।
कई चीजों को ध्यान में रखते हुए हम यह कह सकते हैं कि एक नई सामान्य दुनिया के लिए कार खरीदना एक विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है। आवागमन के सुरक्षित तरीके की आवश्यकता। वायरस की प्रकृति को देखते हुए आपके और आपके परिवार के लिए यात्रा का सबसे सुरक्षित तरीका कार है।
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